जननायक कर्पूरी ठाकुर शोध संस्थान नई दिल्ली में जननायक कर्पूरी ठाकुर परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम आयोजित 

दिल्ली राजधानी (डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा प्रधान संपादक विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिन्दी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका RNI. भारत सरकार नई दिल्ली ): –

1. कार्यक्रम के आयोजक- चन्द्रपाल सिंह चेयरमैन जननायक कर्पूरी ठाकुर शोध संस्थान नई दिल्ली एवं अध्यक्षता श्री रामकिशन सेन [ छोटा कर्पूरी ] ने की

भारत रत्न, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सादगी की प्रतिमूर्ति जननायक कर्पूरी ठाकुर की परिनिर्वाण दिवस (पुण्य तिथि- 17 फरवरी) पर उन्हें शत्-शत् नमन। वे पिछड़ों, वंचितों और शोषितों के मसीहा थे, जिन्होंने आजीवन सामाजिक न्याय, समानता और ईमानदारी की राजनीति की। उनका जीवन त्याग और लोकसेवा का सर्वोच्च उदाहरण था।

भाषण/श्रद्धांजलि के मुख्य बिंदु:

जननायक की उपाधि: पिछड़ों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने के कारण उन्हें ‘जननायक’ कहा गया।

सादगी की मिसाल: मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनका जीवन बेहद साधारण था। वे ‘गुदरी के लाल’ कहे जाते थे।

सामाजिक न्याय: उन्होंने शिक्षा, रोजगार और प्रतिनिधित्व में वंचितों के लिए कड़े कदम उठाए।

ऐतिहासिक फैसले: बिहार में मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पिछड़ों के लिए आरक्षण लागू किया।

प्रेरणास्रोत: उनकी सादगी, ईमानदारी और वंचितों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है। उनका जीवन ‘राजनीति सेवा का माध्यम है’ का जीवंत उदाहरण है। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर एक समावेशी और समतामूलक समाज का निर्माण करना चाहिए।

जननायक कर्पूरी ठाकुर अमर रहें!

आज भारत के सभी मूकदर्शक, मूक-बधिर, गरीबो-बंचितो, सभी धम्मों के अल्पसंख्यकों सहित आज पुण्य तिथि कार्यक्रम में उपस्थित सभी कर्पूरीतत्व को पहचानने वाले भिक्षुकों, सहयोगियों को सादर सादर आदरणीय चंद्रपाल सिंह चेयरमैन ने कहा जगो और जगाओ हम अपने जनसंख्या के हिसाब से हीं सरकार से अधिकार मांग रहें है एक भारत रत्न जननायक के लिए अब देश हजारों-हजार कर्पूरी खङा है और मैं कर्पूरी ठाकुर शोध संस्थान नई दिल्ली की स्थापना की है कि नाई समुदाय केलोग व्यवस्थित दृष्टिकोण से आगे बढेंगे । श्री रामकिशन सेन जी( छोटा कर्पूरी ठाकुर) ने कहा नाई समुदाय के ठाकुरों को जगाने की जरूरत है ठाकुर जग गये नाई समुदाय स्वंय जग जायगा. श्री जीके शर्मा जी नें कर्पूरी फार्मूला एवं अनुच्छेद 340 पर वक्तव्य दी। प्रोफेसर सत्येंद्र ठाकुर ने कहा कि नाई समुदाय के लोगों को शिक्षित और आर्थिक विकास के साथ मूल राजनीतिक भागीदारी चाहिए ताकि हम अपना अधिकार की बात संसद भवन और विधान सभा में पारित करा सके, संविधान के अनुच्छेद 330 की तरह अनुच्छेद 340 को लागू करने के लिए भारत सरकार से वार्ता करेंगे, सरकार यदि नहीं मानती है तो देश भर की नाई समुदाय के लोग जंतर-मंतर पर अनशन ,धरना-प्रदर्शन करेंगे, संवैधानिक अधिकार लेकर हीं मानेंगे। इस अवसर पत्रकार अवध नारायण जी, दीलिप ठाकुर जी,श्री हरिद्वारी लाल आर्य , श्रीमती पुष्या ठाकुर पुष्पवेब संस्था के प्रधान सहित देशभर से नाई समुदाय के नेता भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में उपस्थित होकर जननायक के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित की।

दिनांक:- 17 फरवरी 2026.

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