वैज्ञानिक “धम्म” दिवस (23 फरवरी )

विज्ञानमेव जयते ( PRGI भारत सरकार):- वैज्ञानिक धम्म का अर्थ बौद्ध धम्म के तार्किक, मनोवैज्ञानिक और यथार्थवादी पहलुओं पर केंद्रित दृष्टिकोण से है, जो अंधविश्वासों के बजाय तर्कसंगतता (सत्य) पर आधारित है। यह मानव कल्याण, समानता, करुणा और प्रज्ञा (ज्ञान) को सर्वोच्च मानता है। इसके मुख्य सिद्धांत वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देते हैं और मानव जीवन में नैतिकता का महत्व बताते हैं।

मूल सिद्धांत: वैज्ञानिक धम्म में ब्रह्मांडकीय प्रज्ञा (बुद्धि) और जैव- विविधतापूर्ण करुणा (दया) का संयोजन है, जो इसे आधुनिक विज्ञान के करीब लाता है। डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा द्वारा लिखित और रचित ” वैज्ञानिक धम्म संहिता ” पुस्तक, जो दुनिपा का सबसे बङा वैज्ञानिक धम्म संहिता है, इस पुस्तक में अत्याधुनिक मानव जीवन एवं नैनो क्वांटम साईस पर आधारित मानव जीन एवं कैसा होगा एक लाख वर्ष आगे का मानव जीवन, पर विस्तृत वर्णन किया गया है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: गौतमबुद्ध ने कहा था कि किसी भी बात को केवल इसलिए न मानें कि वह शास्त्रों में लिखी है, बल्कि उसे अध्ययन करें, परखें और वैज्ञानिकता को सूक्ष्मतापूर्वक समझें।

अभिधम्म और विज्ञान: अभिधम्म दर्शन, मनोविज्ञान (Psychology), और चेतना के वैज्ञानिक अध्ययन से मेल खाता है।

धम्मचक्र प्रवर्तन (9 जून 2011 डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा के द्वारा नई दिल्ली भारत के तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात कर वैज्ञानिक भारत निर्माण कार्य हेतु एवं वैज्ञानिक धम्म की स्थापना हेतु प्रस्ताव रखी, कांग्रेस की सरकार विचाराधीन कर दिया। फिर मोदी सरकार यानि की

भारत सरकार ने 19 फरवरी 2025 को भारतीय अभिलेख में दर्ज कर 20 फरवरी 2015 को भारत सरकार के एक अंग के रूप में स्थापित कर निबंधित किया।

मैं बौद्ध धम्म अपनाना ही वैज्ञानिक धम्म के पुनरुत्थान का प्रतीक है । जिसमें तार्किक विचार और पांच प्रतिज्ञाएं शामिल हैं, जो अंधविश्वासों का त्याग करने के लिए सदैव कहती हैं।

प्रतिज्ञाएं:- 01- पृथ्वी, आकाश, जल, वायु, प्रकाश, हवा, जैव के सभी कणों का अध्ययन करना , उसका समायोजित कर मात्र और मात्र 14- 25 वर्ष तक के अध्ययनरत छात्र छात्राओं के लिए हीं को परियोजना में शामिल करना है, इस उम्र के विद्यार्थी मानसिक रूप से उर्वरक होते है। इसलिए वैज्ञानिक धम्म आवश्यक है।

 

(डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा)

प्रधान संपादक (वैज्ञानिक)

विज्ञानमेव जयते PRGI भारत सरकार.

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