अखण्ड आयुष्मान भव: बिहार राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी 

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आइए जानते है श्री नीतीश कुमार जी की जीवनवृत्त

● जन्म: 1 मार्च 1951,

● शिक्षा:- इलेक्ट्रिकल अभियंता में प्रतिष्ठा.

● बिहार के एक प्रमुख राजनेता और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं , जो अपनी विकासोन्मुखी नीतियों के कारण “सुशासन बाबू” के रूप में प्रसिद्ध हैं।

● विकिपिडिया के अनुसार, 1970 के जेपी आंदोलन से उभरे नीतीश ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता के रूप में 2005 से कई बार बिहार का नेतृत्व किया है।

● नालंदा के रहने वाले नीतीश जी ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की है।

नीतीश कुमार की जीवनी के प्रमुख बिंदु:

●卐 जन्म स्थान:- इनका जन्म -1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर बिहार में हुआ था, उनके पिता कविराज राम लखन सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे।

● नीतीश जी ने 1972 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब एनआईटी पटना) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

● राजनीतिक सफर: उन्होंने 1974-1977 के जेपी आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।

● 1985 में वे पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य बने।

● 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ मिलकर समता पार्टी और बाद में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेता बने।

● केंद्र सरकार में भूमिका: वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रेल मंत्रीभूतल परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

● बिहार के मुख्यमंत्री: वे 2005 में पहली बार (पूर्ण कार्यकाल के लिए) बिहार के मुख्यमंत्री बने और अपनी विकासात्मक नीतियों (सड़क शिक्षा कानून-व्यवस्था ) के कारण प्रसिद्ध हुए। 2025 के विधान सभा चुनाव में विजय श्री हासिल कर, दसवीं बार मुख्यमन्त्री का शपथ ग्रहण कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

● व्यक्तिगत जीवन: उनका विवाह 1973 में मंजू कुमारी सिन्हा से हुआ था जिनका 2007 में निधन हो गया। उनका एक बेटा है, निशांत कुमार जो वर्तमान में वरिष्ठ अभियंता है।

● नीतीश कुमार को बिहार में सड़कों के जाल बिछाने ,लड़कियों के लिए साइकिल योजनाऔर कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए जाना जाता हैहालांकि अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने कई बार गठबंधन बदले हैं।

● बिहार के मुख्‍यमंत्री श्री नीतीश कुमार सात निश्चय योजना-01, सात निश्चय योजना-02, एवं सात निश्चय योजना 03 बिहार में लागू कर बिहार का कायाकल्प कर दी, भारतीय इतिहास हीं नहीं विश्व इतिहास के पन्नों में पढे जाते रहेंगे।

● विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिन्दी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका PRGI भारत सरकार की ओर से अखण्ड आयुष्मान भव: ■

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