पृथ्वी पर मौसम क्यों बदलते है (Why does the weather change on earth)
हमारी पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है जिसका अक्षीय झुकाव 23.44 डिग्री है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है तो कुछ झुकी होने के कारण सूर्य की किरणे कुछ स्थानों पर सीधी और कुछ स्थानों पर तिरछी पड़ती है जिसके कारण मौसन(Weather) बदलते रहते है। जिस जगह सूर्य की किरणे सीधी पड़ती है वहा मौसम गर्म होता है और जहा सूर्य की किरणे तिरछी पड़ती है वहा मौसम ठंडा या नम रहता है। यह प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है।
सबसे ज्यादा गर्मी कहाँ पड़ती है(which is the hottest place in the world)
‘डानाकिल डिप्रेशन‘ जो उत्तरी अफीका देश के इथियोपिया में स्थित है यहाँ सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। इसका एक पड़ोसी देश इरिट्रिया भी सामिल है।
डानाकिल डिप्रेशन’ इथोपिया के अफार इलाके में पड़ता है। यह दुनिया का सबसे गर्म ,सुखा और धरती पर सबसे नीची जगह है। यहाँ मौसम बेहद गर्म होता है।
इसको दुनिया का सबसे गर्म जगह इस लिए कहा जाता है क्योकि यहाँ साल भर का औसतन तपमान 34.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है। धरती पर जो और भी गर्म जगहे है वहा औसतन तापमान इतना नहीं रहता है कभी कभी बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है। मगर डानाकिल डिप्रेशन में औसतन तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहता है। यहाँ बारिश भी बहुत कम होती है।
सबसे ज्यादा ठंडी कहा पड़ती है(where is the coldest place in world)
‘ओइमयाकॉन’ जो की रूस में पड़ता है यहाँ पर सबसे ज्यादा ठंडी पड़ती है। रूस के साइबेरिया इलाके में यह गावं स्थित है।
ओइमयाकॉन गावं रूस की राजधानी मास्को से 3000 मील दूर स्थित है। 500 की आबादी वाले इस गावं का औसतन तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। अब तक इस जगह का सबसे ठंडा तापमान -67 डिग्री सेल्सियस रहा है।”●
अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीर
अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली तस्वीर 24 अक्टूबर 1946 को एक V-2 रॉकेट द्वारा ली गई थी, जो काली-सफेद और धुंधली थी। सबसे प्रसिद्ध तस्वीरें ‘ब्लू मार्बल’ (1972) और ‘अर्थराइज’ (1968) हैं, जो नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर जाने से पहले, अंतरिक्ष में जीवन की नाजुकता को दर्शाती हैं। अब, सैटेलाइट और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ली गई उच्च-गुणवत्ता वाली रंगीन तस्वीरें उपलब्ध हैं।
■ पृथ्वी की कुछ सबसे प्रसिद्ध और अनूठी तस्वीरें:
पहली तस्वीर (1946): न्यू मैक्सिको में 65 मील (लगभग 105 किमी) की ऊंचाई से ली गई।
■ अर्थराइज (Earthrise – 1968): अपोलो 8 मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री विलियम्स ऐंडर्स द्वारा ली गई, जो चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी के उदय को दिखाती है।
■ ब्लू मार्बल (Blue Marble – 1972): अपोलो 17 के चालक दल द्वारा ली गई, जिसे पृथ्वी की सबसे प्रतिष्ठित तस्वीरों में से एक माना जाता है।
■ पेल ब्लू डॉट (Pale Blue Dot – 1990): वॉइजर 1 द्वारा 600 करोड़ किलोमीटर की दूरी से ली गई, जिसमें पृथ्वी एक धूल के कण जैसी दिखती है।
■ पृथ्वी की विशेषताएँ (अंतरिक्ष से):
अंतरिक्ष से, हमारी पृथ्वी नीले और सफेद रंग के संगमरमर (Marble) की तरह दिखाई देती है, जिसमें बादल, महासागर और महाद्वीप स्पष्ट रूप से नज़र आते हैं।
(नोट: यह उत्तर सर्च परिणामों पर आधारित है, क्योंकि यहां सीधे इमेज फाइल नहीं दिखाई जा सकती है, आप NASA की वेबसाइट पर जा सकते हैं)
