बिहार में विकास का नया अध्याय शुरू! त्रिदेव के निर्णय से बिहार में वैज्ञानिक विकासवाद की क्रांति शुरू
नई सरकार के गठन के बाद राज्य में निवेश बढ़ाने, उद्योगों का जाल बिछाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में तेज़ी से काम शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की अध्यक्षता में हुई, इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा बैठक में उपस्थित रहे।
कैबिनेट बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत के उभरता टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब (Technology and Innovation Hub) के रूप में विकसित करना है।
1️⃣ बिहार को नया ‘टेक हब’ बनाया जाएगा।
राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति कार्ययोजना बनाने के साथ-साथ उसके क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग करेगी।
2️⃣ बिहार को ‘वैश्विक Back-End Hub’ और ‘Global Workplace’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
राज्य में न्यू एज़ इकोनॉमी (New Age Economy) के अनुरूप ‘ग्लोबल वर्क क्लस्टर’ विकसित करने के लिए एक नई विस्तृत कार्ययोजना तैयार होगी। इसके लिए सतत अनुश्रवण के लिए एक अलग उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
3️⃣ नए उद्योगों की स्थापना से पैदा होंगे रोजगार के अवसर।
राज्य में प्रतिस्पर्धी और रोजगार-सृजन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा संपूर्ण उद्योग पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए नई योजना तैयार होगी। इस उद्देश्य से एक और उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो युवा-उन्मुख औद्योगिक विकास पर काम करेगी।
4️⃣ Bihar Artificial Intelligence Mission की स्थापना।
राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह मिशन प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, और शहरी प्रबंधन में आधुनिक AI समाधान लाने की दिशा में काम करेगा।
5️⃣ राज्य में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप स्थापित की जाएगी।
बिहार में गुणवत्ता-युक्त शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए 11 नई सैटेलाइट/ ग्रीनफील्ड टाउनशिप स्थापित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए प्रारंभिक सर्वेक्षण और व्यवहार्यता अध्ययन को मंजूरी मिल गई है।
6️⃣ नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों का पुनरुद्धार।
राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना तथा बंद चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए नई नीति और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सभी विकल्पों का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
➡️ उक्त फैसलों से बिहार में नये जमाने के उद्योगों का विस्तार होगा तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नये शहरों के विकास से राज्य में संतुलित विकास को नई गति मिलेगी। संक्षेप में कहें तो नई सरकार की पहली कैबिनेट में लिये गये फैसले बिहार में विकास की गति तेज करने की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी के सात निश्चय-2 के तहत बिहार में वर्ष 2020 से 2025 के बीच कुल 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अब मुख्यमंत्री जी ने अगले 5 वर्षों (वर्ष 2025 से 2030) में राज्य में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा
प्रधान संपादक ( वैज्ञानिक )
विज्ञानमेव जयते PRGI भारत सरकार
