बजट 2026 में विज्ञान, तकनीक और AI: भारत के भविष्य की नई रूपरेखा
यह बजट सिर्फ़ साल भर का हिसाब नहीं है, बल्कि भारत के अगले दो दशकों का टेक्नोलॉजी ब्लूप्रिंट है।
बजट 2026 में विज्ञान, तकनीक और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिस तरह केंद्र में रखा गया है, उसने साफ़ संकेत दे दिया है कि भारत अब केवल यूज़र ऑफ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि क्रिएटर और लीडर बनने की तैयारी में है।
जहाँ एक ओर दुनिया AI के अवसरों और ख़तरों पर बहस कर रही है, वहीं भारत ने बजट के ज़रिए यह तय कर लिया है कि वह इस तकनीकी दौड़ में पीछे खड़ा दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय खिलाड़ी होगा।
AI: बजट 2026 का सबसे ज़्यादा बोला गया शब्द
बजट भाषण में AI का बार-बार ज़िक्र महज़ संयोग नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार AI को केवल स्टार्ट-अप या आईटी सेक्टर की चीज़ नहीं, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शासन और उद्योग—हर क्षेत्र का आधार मान रही है।
सरकार का फोकस तीन स्तरों पर साफ़ दिखता है:
- AI रिसर्च और इनोवेशन
- AI इन्फ्रास्ट्रक्चर (डेटा, कंप्यूट, क्लाउड)
- AI-आधारित स्किल डेवलपमेंट
India AI Mission: प्रयोग से विस्तार तक
बजट 2026 में India AI Mission को मज़बूती दी गई है। इसका उद्देश्य सिर्फ़ एल्गोरिदम बनाना नहीं, बल्कि समावेशी AI विकसित करना है—ऐसा AI जो किसानों की फसल भविष्यवाणी से लेकर छात्रों की व्यक्तिगत शिक्षा तक काम आए।
सरकार चाहती है कि AI:
- सरकारी सेवाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाए
- स्वास्थ्य सेवाओं में लागत घटाए
- ग्रामीण और शहरी भारत के बीच डिजिटल अंतर कम करे
यह दृष्टिकोण भारत को “AI for All” मॉडल की ओर ले जाता है।
डेटा सेंटर और डिजिटल रीढ़
AI बिना डेटा और कंप्यूट के अधूरा है—और बजट 2026 इस सच्चाई को पूरी तरह स्वीकार करता है। डेटा सेंटर्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2047 तक टैक्स इंसेंटिव प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे भारत को वैश्विक AI कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके।
साफ़ संदेश:
- AI की दुनिया में वही देश आगे होगा, जिसके पास सबसे मज़बूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।
- सेमीकंडक्टर और डीप-टेक: आत्मनिर्भरता की चिप
- AI सॉफ़्टवेयर से चलता है, लेकिन उसकी ताक़त चिप्स से आती है।
बजट 2026 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर भारत को टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में ऊपर ले जाने की कोशिश है।
यह कदम सिर्फ़ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक (Strategic) भी है—क्योंकि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी ही राष्ट्रीय शक्ति का पैमाना बनेगी।
- STEM, स्किल और रिसर्च: मानव पूंजी पर निवेश
- AI का भविष्य मशीनों से नहीं, मानव बुद्धिमत्ता से तय होगा।
इसीलिए बजट में:
- STEM शिक्षा
- AI-आधारित स्किलिंग
- रिसर्च यूनिवर्सिटीज़ और लैब्स पर अतिरिक्त ज़ोर दिया गया है।
सरकार मानती है कि अगर भारत को AI महाशक्ति बनना है, तो कोड लिखने वाले हाथ और सोचने वाले दिमाग दोनों तैयार करने होंगे।
विज्ञान और तकनीक मंत्रालय: स्थिर लेकिन रणनीतिक फंडिंग
विज्ञान और तकनीक के लिए आवंटन यह संकेत देता है कि सरकार लंबी दूरी की सोच के साथ निवेश कर रही है। यह कोई तात्कालिक चुनावी बजट नहीं, बल्कि भविष्य की प्रयोगशालाओं, पेटेंट्स और खोजों की नींव है।
स्टार्ट-अप और उद्योग: अवसरों की नई लहर
AI, डीप-टेक और सेमीकंडक्टर फोकस का सीधा लाभ मिलेगा:
- टेक स्टार्ट-अप्स
- रिसर्च-ड्रिवन कंपनियों
- और ग्लोबल निवेश को
- उद्योग जगत इसे भारत के टेक्नोलॉजी सॉवरेनिटी मोमेंट के रूप में देख रहा है।
निष्कर्ष: बजट नहीं, टेक्नोलॉजी घोषणापत्र
बजट 2026 में विज्ञान, तकनीक और AI के लिए किया गया प्रावधान यह साफ़ करता है कि भारत अब भविष्य का इंतज़ार नहीं कर रहा—वह भविष्य गढ़ रहा है।
असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की है। अगर नीतियाँ ज़मीन पर उतरीं, तो यह बजट आने वाले वर्षों में याद किया जाएगा— उस मोड़ के रूप में, जहाँ भारत ने टेक्नोलॉजी की रेस में गति बदली।
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MANOJ ADHYAYI, Sr AI PROJECT MANAGER
