सर शांति स्वरूप भटनागर : जीवनी एवं विज्ञान पुरस्कार 

(1894–1955) एक प्रख्यात भारतीय कोलाइडल रसायनज्ञ, वैज्ञानिक प्रशासक और भारत में अनुसंधान प्रयोगशालाओं के जनक थे। वे वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के पहले महानिदेशक और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पहले अध्यक्ष थे। उन्होंने भारत में औद्योगीकरण और विज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शांति स्वरूप भटनागर का जीवन और परिचय:

जन्म: 21 फरवरी 1894, शाहपुर (अब पाकिस्तान में)।

शिक्षा: पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी/एमएससी और 1921 में लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज से डॉक्टरेट।

1. करियर: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और फिर CSIR के महानिदेशक।

2. योगदान: उन्होंने चुम्बकीय-रसायनिकी, एमल्ज़न और कोलायड्स के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने ‘भटनागर-माथुर इन्टरफ़ेयरेन्स संतुलन’ विकसित किया।

3. प्रयोगशालाओं के जनक: उन्होंने भारत में कई प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित कीं।

4. पुरस्कार और सम्मान:

नाइटहुड (1941): ब्रिटिश सरकार द्वारा वैज्ञानिक कार्यों के लिए सम्मानित।

5. पद्म भूषण (1954): विज्ञान और अभियांत्रिकी में योगदान के लिए।

6. फैलो ऑफ रॉयल सोसाइटी (FRS): 1943 में चुना गया। शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार: उनकी याद में, 1958 से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सर्वोच्च भारतीय पुरस्कार दिया जाता है।

7 .भटनागर एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक कवि भी थे और उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का कुलगीत भी लिखा था। उनका निधन 1 जनवरी 1955 को हुआ।

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राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 (जिसे अब विज्ञान युवा – शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार के रूप में जाना जाता है) की घोषणा की गई है, जो 45 वर्ष से कम आयु के 14 युवा वैज्ञानिकों को उनके असाधारण योगदान के लिए दिया जाएगा। IISER कोलकाता के प्रो. दिब्येंदु दास (रसायन विज्ञान), IIT कानपुर के प्रो. अमित कुमार अग्रवाल (भौतिकी) और NIPGR के डॉ. जगदीस गुप्ता कपुगंती (कृषि विज्ञान) प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं।

2025 विज्ञान युवा – शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार

विजेता (प्रमुख नाम):

1. कृषि विज्ञान: डॉ. जगदीस गुप्ता कपुगंती, डॉ. सतेन्द्र कुमार मंगरौठिया

2. जैविक विज्ञान: श्री देबार्का सेनगुप्ता, डॉ. दीपा अगाशे

3. रसायन विज्ञान: डॉ. दिब्येंदु दास

4. पृथ्वी विज्ञान: डॉ. वलीउर रहमान

5. इंजीनियरिंग विज्ञान: प्रो. अर्कप्रवा बसु

6. गणित और कंप्यूटर विज्ञान: प्रो. सब्यसाची मुखर्जी, प्रो. श्वेता प्रेम अग्रवाल

7. चिकित्सा: डॉ. सुरेश कुमार

8. भौतिकी: प्रो. अमित कुमार अग्रवाल, प्रो. सुरहुद श्रीकांत मोरे

9. अंतरिक्ष विज्ञान: श्री अंकुर गर्ग

10. प्रौद्योगिकी एवं नवाचार: प्रो. मोहनशंकर शिवप्रकाशम

मुख्य तथ्य:

यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है, जिसे अब पद्म पुरस्कारों के समान मान्यता प्राप्त है।

इस वर्ष कुल 14 वैज्ञानिकों को विज्ञान युवा – शांति स्वरूप भटनागर (VY-SSB) श्रेणी में चुना गया है।पुरस्कार विजेता राष्ट्रपति भवन में एक राष्ट्रीय समारोह में सम्मानित किए जाते हैं।

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(डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा )

प्रधान संपादक ( वैज्ञानिक)

विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिन्दी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका PRGI भारत सरकार

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