राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एवं राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह कार्यक्रम 2026

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर साल 28 फरवरी को मनाया जाता है, जो महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन (C.V. Raman) द्वारा ‘रमन प्रभाव’ (Raman Effect) की खोज के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला था। इस दिन का उद्देश्य लोगों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और विज्ञान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।

मुख्य बिंदु:

28 फरवरी, 1928 को सी.वी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी।

उद्देश्य: समाज में विज्ञान के उपयोग और लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक स्वभाव को प्रेरित करना है।

शुरुआत: इसे पहली बार 1987 में मनाया गया था, जब भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में घोषित किया था।

राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह दिवस समारोह कार्यक्रम का दिवसीय विवरण-

20 फरवरी – विज्ञानमेव जयते स्थापना दिवस – इसी दिन भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार ने 20 फरवरी को स्थापित किया था।

21 फरवरी- विज्ञानमेव जयते मानव शक्ति दिवस – इस दिन विज्ञानमेव जयते में कार्यरत सभी स्तर के सदस्यों, अघिकारियों, ब्यूरो का सम्मान किया जाता है ।

22 फरवरी- वैज्ञानिक सद्भावना दिवस :- सभी धर्मो- मजहबो के अध्ययनरत छात्र छात्राओं के साथ वैज्ञानिक सद्भाव स्थापित करना।

23 फरवरी- वैज्ञानिक धम्म दिवस: – वैज्ञानिक धम्म विज्ञानियों के साथ वैज्ञानिक धम्म का प्रचार प्रसार करना तथा वैज्ञानिक धम्म को अपनाने हेतु प्रेरित करना।

24 फरवरी – वैज्ञानिक रत्न दिवस :- बाल- युवा वैज्ञानिक, किसी भी विधा के वैज्ञानिकों को, उनके उल्लेखनीय योगदान एव॔ उपलब्धियों के मुल्यांकन के आधार पर सम्मानित करना।

25 फरवरी- वैज्ञानिक खोज दिवस :- किसी भी विषय क्षेत्र के खोजी वैज्ञानिकों को पुरस्कार एव॔ पदक अन्य से सम्मानित करना।

26 फरवरी- वैज्ञानिक सम्मान दिवस:- किसी भी विषय क्षेत्र के उपलब्धियुक्त वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता, सेना, लेखक, कवि, धार्मिक – राजनैतिक संगठन के पदाधिकारीगण और किसान एवं अन्य को सम्मानित करना।

27 फरवरी – बाल वैज्ञानिक दिवस :- 07-14 एव॔ 15-17 एव॔ 18-25 वर्ष तक के अध्ययनरत छात्र छात्रओं जो किसी भो विधा मे चयनित हैं, उन्हें सम्मानित करना एव॔ प्रोत्साहित करना युग निर्माण एव॔ युग परिवर्तन में युवाओं की भूमिका अहम है।

28 फरवरी – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस :- 28 फरवरी, 1928 को सी.वी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी। इस हेतु उन्हे नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। इस दिन विज्ञानमेव जयते विज्ञान महोत्सव का आयोजन करता रहेगा।

विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिन्दी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका सम्पूर्ण भारत गणराज्य में वैज्ञानिक धम्म का प्रचार प्रसार, वैज्ञानिक अनुसंधान, वैज्ञानिक धम्म शिलालेख स्तम्भ की स्थापना कर वैज्ञानिक ज्ञान का प्रसार प्रचार एव वैज्ञानिक धम्म ग्रन्थों को जन जन तक पहुंचाना विज्ञानमेव जयते का मुख्य उद्देश्य युगो युगांतर तक अनवरत चलता रहेगा, सभी अध्यात्मिक धर्मगुरु वैज्ञानिक धम्मगुरू हो जायेंगे, लोगो में पूर्णत वैज्ञानिक चेतना होगी। सभो स्तर के लोग वैज्ञानिक पद्धति पर मजबूत आत्मनिर्भर होंगे, भारत गणराज्य का परचम सम्पूर्ण विश्व में होगा, शर्त ये है कि सभी लोग एवं सरकार वैज्ञानिक शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेंगे तब ।

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डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा

प्रधान सम्पादक [ वैज्ञानिक ]

विज्ञानमेव जयते भारत सरकार

 

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