विज्ञानमेव जयते स्थापना दिवस 11वीं वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ, वैज्ञानिक अपेक्षाएँ, अखण्ड सौभाग्य स्वागतम् 2026

"विज्ञानमेव जयते" भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिंदी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका

( प्रधान संपादक /वैज्ञानिक ):- विज्ञानमेव जयते, भारत का राष्ट्रीय हिंदी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका की स्थापना, आरएनआई भारत सरकार नई-दिल्ली के द्वारा दिनांक 20 फरवरी 2015 को, भारत के समाचार पत्रों के महापंजीयक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार नई-दिल्ली के अधीन किया गया था। विज्ञानमेव जयते भारतीय छात्र छात्राओं के लिए विज्ञानवीर योजना के अंतर्गत, बहुदेशीय अवसर उत्पन्न करता है तथा लघु स्काॅलरशिप की व्यवस्था करता है । आज सत्र 2026 माह फरवरी दिनांक 20-02-2026 को विज्ञानमेव जयते भारत का राष्ट्रीय हिंदी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका को ग्यारह वर्ष पूर्ण हुआ है। विज्ञानमेव जयते के स्थापना दिवस समारोह के शुभ अवसर पर, भारत के विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, भारत का चौथा स्तंभ पत्रकारिता के सभी तंत्र को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई, साथ ही महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर एवं बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर साहब के द्वारा लिखित भारतीय संविधान का आदर करते हुए अपने अधिकार की पूर्ति हेतु, दलितों, पिछङो, अल्पसंख्यकों, दबे कुचले लोगों, सामान्य वर्ग के सभी गरीबों मजदूरों से निवेदन है कि आप शिक्षित एवं साहसी बनिये तथा स्वच्छ एवं निर्भिक पत्रकारिता करने हेतु योग्यता हासिल किजिए, अपने परिवार को खुशहाल बनाईए, भारत खुशहाल हो जायगा।आप सभी भारत वासियों के लिए मंगल-कामनाएं करता हूँ।

विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य का राष्ट्रीय हिंदी अंग्रेजी वैज्ञानिक मासिक पत्रिका के सभी आजीवन सदस्य, साधारण सदस्य, पाठक सदस्य, राज्यों के समाचार संपादक, प्रेसक्लबों की बोर्ड के अध्यक्ष, राज्य समाचार ब्यूरो, अध्यक्ष- प्रमंडल समाचार ब्यूरो, अध्यक्ष – जिला समाचार ब्यूरो, अध्यक्ष- अनुमंडल समाचार ब्यूरो, अध्यक्ष – प्रखण्ड समाचार ब्यूरो, अध्यक्ष- पंचायत समाचार ब्यूरो एवं सभी नवचयनित बाल युवा पत्रकार छात्र छात्राओं को उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ। मैं वैसे सभी नर-नारि -नारायण को दिल के गहराइयों से धन्यवाद ज्ञापन करता हूं जिन्होंने निस्वार्थ भाव से तन- मन- थन लगाकर “विज्ञानमेव जयते” के अधिनायक के रूप में अपने आप को मजबूत इरादा के साथ पदस्थापित किया है, वैसे कर्मयोगी सदस्यों को विज्ञानमेव जयते के वर्तमान प्रधान अधिनायकों द्वारा सदैव पुष्पकंठहार सादर सादर अर्पित करता रहेगा, विज्ञानमेव जयते को मैं अट्ठारह वर्ष होने की प्रतीक्षा कर रहा हूं- भारत गणराज्य भी प्रतीक्षा कर रहा है । भारत गणराज्य के स्वर्णिम वैज्ञानिक इतिहास लिखने की कर्मकाल ग्यारह वर्ष हो गई है। सबसे ज्यादा धन्यवाद देता हूं- उन्हें , जिन्होनें वैज्ञानिक हिमालय की सर्वोच्च चट्टानों की तरह अडिग खङा है, पाकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं से थका नहीं , भारत माता ने मुझे क्षीर स्तन्य पिलाकर पालन-पोषण जो किया है. भारत माता के स्वर्ग चरणम् में कोटी कोटी प्रणाम्, के उपरांत भारतीय नागरिकों , संसदीय प्रणाली के प्रधान एवं विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, पत्रकारिता के सभी स्तर के कर्तव्ययोगियों सहित, आकाश, पाताल, वायु, अग्नि, जल में विचरण करने वाले जैव- विविधताओं को प्राकृतिक

धन्यवाद, प्रणाम् भारत.

जयहिन्द

वन्देमातरम्

जय विज्ञान .

सप्रेम, वैज्ञानिक अभिवादन सहित

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(डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा)

प्रधान संपादक (वैज्ञानिक)

विज्ञानमेव जयते भारत गणराज्य. ( RNI. भारत सरकार)

 

 

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