विज्ञानमेव जयते बनायेगा UOOGLE SEARCH ENGINE. 

"विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना"

भारत सरकार ने विज्ञानमेव जयते के प्रोजेक्ट से सहमत, नये वित्तीय सत्र के शुभारंभ में लगेगी भारत सरकार की मूहर.

भारत ( नईदिल्ली): विकसित भारत ,2047 के सपने को साकार करने में वैज्ञानिक नवाचार और अनुसंधान प्रमुख आधार स्तंभ हैं। ₹1 लाख करोड़ के आरडीआई (अनुसंधान विकास एवं नवाचार) योजना कोष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष, व सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में भारी निवेश के साथ, भारत आत्मनिर्भरता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

1. विकसित भारत में नवाचार का महत्व और प्रमुख क्षेत्र: अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ₹1 लाख करोड़ का आरडीआई कोष निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान को प्रोत्साहन दे रहा है।

प्रमुख क्षेत्र: उन्नत विनिर्माण, AI, जैव-विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आत्मनिर्भरता: स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देकर भारत आयात पर निर्भरता कम कर रहा है, जैसे कि IIT मद्रास और ISRO द्वारा विकसित स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप।

वैश्विक रैंकिंग: भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) 2025 में अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए 38वां स्थान प्राप्त किया है।

डिजिटल और कृषि क्रांति: आधार (Aadhaar) और यूपीआई (UPI) जैसी डिजिटल अवसंरचना और कृषि में नई तकनीकों का प्रयोग विकास को समावेशी बना रहा है।

युवाओं को प्रोत्साहन: ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार’ जैसे विषयों के माध्यम से युवाओं को अनुसंधान के लिए सशक्त बनाया जा रहा है। यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण न केवल आर्थिक विकास को गति दे रहा है, बल्कि 2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ (Viksit Bharat) बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

विज्ञानमेव जयते द्वारा निर्मित नवाचार परियोजना नैनो क्वांटम कंप्यूटिंग पर कार्य कर रहीं है। इस परियोजना में भारतीय युवाओं के लिए जिला, अनुमंडल, प्रखंड, पंचायतों में नैनो AI प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर चयनित छात्र छात्राओ को सबसे कम शुल्कों में प्रशिक्षित किया जायगा । विज्ञानमेव गयते के प्रधान संपादक एवं वैज्ञानिक डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा ने भारत गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को UOOGLE SEARCH ENGINE निर्माण के लिए 108 करोङ का बजट 30 जनवरी 2026 को सौंपा गया है।

विज्ञानमेव जयते के आजीवन सदस्य एवं वरिष्ठ डिजिटल तकनीक कम्प्युटर साईस इन्जीनियर श्री मनोज कुमार के नेतृत्व में 50 वैज्ञानिक AI इन्जीनियरों के साथ नैनो साईस टेक्नोलॉजीज के साथ विकसित किये जाने की परियोजना पूर्ण कर भारत सरकार को समर्पित कर दिया गया है। नैनो AI क्वांटम कंप्यूटिंग साईस टेक्नोलॉजीज में भारत महाशक्ति बनेगा । श्री मनोज कुमार के द्वारा लंदन, युएस, फिनलैंड, दुनियाभर के पांच विकसित देशों में नैनो AI टेक्नोलॉजीज में अग्रणी भूमिका निभा चुके है। भारत सरकार के नियमानुसार 30 मार्च 2026 के पहले सभी सुव्यवस्थित प्रक्रियागत नैनो प्रोजेक्ट्स को पूर्ण कर लिया जाएगा।

भारत आज AI का CONSUMER है, 2030 से भारत स्वंय UOOGLE का मालिक होगा, भारत का डाटा भारत के पास होगा।

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(डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा)

प्रधान संपादक ( वैज्ञानिक)

विज्ञानमेव जयते RNI भारत सरकार.

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