सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए 14 साल की लङकियों को भारत सरकार लगायगी निशुल्क टीके
नई दिल्ली ( विज्ञानमेव जयते, भारत): भारतीय लङकियों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत सरकार ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम निशुल्क चलाने का निर्णय लिया है। भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के स्वास्थ्य को तन्दुरूस्त रखने के लिए 14 वर्ष तक के लङकियों को स्वास्थ्य तन्दुरूस्ती अति आवश्यक है, लङकियां हीं आने वाले वंशानुक्रम के उज्जवल भविष्य हैं। भारत गणराज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्दों मे शिविर आयोजित कर वैज्ञानिक ढंग से सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन इन्जेक्ट किये जायेंगे। 14 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक लङकियां मानसिक एवं शारीरिक रूप से विकसित होती हैं, इसी क्रम में इनके स्वास्थ्य के सभी स्तर के रक्त संचार जांच आवश्यक है, लङकियां 21 वर्ष से पहले विवाह नहीं करें, वैज्ञानिकता के आधार पर वयस्क लङके एवं लङकियों का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य करावें उपरान्त विवाह या रिलेशनशिप में प्रवासन करें। शहरी महिलाओ में सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर लक्षण के संकेत है।
1. सर्वाइकल कैंसर के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:-
● सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के मुख्य लक्षणों में असामान्य योनि से रक्तस्राव ।
● शारीरिक समागम के बाद, पीरियड्स के बीच, या मेनोपॉज के बाद), दुर्गंधयुक्त पानीदार या खूनी डिस्चार्ज ।
● पेल्विक (कमर/पेट के निचले हिस्से) में दर्द, और यौन संबंध के दौरान दर्द।
● स्तन स्पर्श में दर्ज या पीङा, नाभी चक्र के आसपास असहनीय पीङा।
● शारीरिक आकर्षण में चमक नहीं होने पर ऑक्सीटोसिन की मात्रा निम्न स्तर पर होने की संकेत शामिल हैं। ये लक्षण आमतौर पर कैंसर के बढ़ने पर दिखाई देते हैं।
सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख लक्षण और संकेत:
● असामान्य योनि स्राव (Vaginal Discharge): पानीदार, खूनी, या अधिक मात्रा में बदबूदार डिस्चार्ज होना।
● असामान्य रक्तस्राव (Abnormal Bleeding):
संभोग (sex) के बाद खून आना।
● एक या द्वितीय पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग या खून आना।
● मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद ब्लीडिंग होना। सामान्य से अधिक भारी या लंबे समय तक चलने वाले पीरियड्स।
● दर्द (Pain): पेल्विक क्षेत्र में दर्द, पेट के निचले हिस्से में भारीपन या दर्द होना।
● यौन संबंध में दर्द (Pain during intercourse): संबंध बनाते समय दर्द महसूस होना।
● उन्नत चरणों के लक्षण: यदि कैंसर बढ़ गया है, तो पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द, पैरों में सूजन ।
● मूत्र पथ का अवरुद्ध होना, और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
2. महत्वपूर्ण जानकारी:
शुरुआती चरण में, सर्वाइकल कैंसर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं, इसलिए नियमित जांच (जैसे पैप स्मीयर और एचपीवी परीक्षण) बहुत जरूरी है। लङकिषां अपने स्वास्थ्य एवं खान-पान के प्रति अलर्ट रहें ,अपना ख्याल रखें, महिला से हीं भविष्य है।
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भारत में 14 वर्ष के लङकियों की संख्या
● 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 14 वर्ष की आयु की महिला जनसंख्या लगभग 1.2 करोड़ (12,093,041) थी।
● वर्तमान में, UNFPA की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जनसंख्या 144 करोड़ से अधिक हो गई है।
● 0-14 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या सबसे अधिक (लगभग 24%) है, जिसमें 14 वर्षीय लड़कियाँ भी शामिल हैं।
● जनगणना 2011: 14 वर्ष की बालिकाओं की संख्या: 12,093,041 (1.2 करोड़ से अधिक)।
● शिक्षा और ड्रॉपआउट (11-14 वर्ष): 2013-14 में 11-14 वर्ष की आयु की लगभग 1.14 करोड़ लड़कियाँ स्कूल छोड़ चुकी थीं, जो 2023 तक घटकर लगभग 1 लाख तक रह गई है ।
● सामान्य सांख्यिकी: भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग में नामांकन का स्तर बहुत ऊँचा है, जो 2022 में 98.4% तक पहुँच गया ।
नोट: 14 वर्ष की लड़कियों की सटीक और नवीनतम संख्या के लिए नवीनतम 2021/2024 जनगणना डेटा (जो अभी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है) की आवश्यकता होगी। (गूगल)
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पुरूष वर्ग में सर्वाइकल कैंसर का लक्षण
● पुरुषों में सीधे तौर पर ‘सर्वाइकल’ कैंसर नहीं होता क्योंकि इनके पास गर्भाशय ग्रीवा नहीं होता , लेकिन HPV वायरस जो इसका मुख्य कारण है, वह पुरुषों में लिंग, गुदा (Anus), या गले/टॉन्सिल के कैंसर का कारण बन सकता है। इसके लक्षणों में जननांगों में मस्से (Warts), मलाशय में दर्द या ब्लीडिंग, लगातार गले में खराश, निगलने में कठिनाई और वजन कम होना शामिल हैं।
● पुरुषों में HPV से संबंधित कैंसर के लक्षण:
लिंग/गुदा कैंसर: जननांगों के आसपास गांठ, घाव, दर्द, या मलाशय से खून आना।
● मुँह/गले का कैंसर: लगातार गले में खराश, कान में दर्द, सांस लेने या निगलने में कठिनाई, गले में गांठ, और आवाज में बदलाव।
● सामान्य लक्षण: बिना कारण वजन कम होना, लगातार थकान, और कमजोरी।
अधिकांश पुरुषों में HPV का कोई लक्षण नहीं दिखता पुरूषों में सर्वाइकल कैंसर नहीं होता है , लेकिन अगर ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत उच्चकोटि के यानि कि कम से कम MBBS स्तर के डाॅक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य जीवन, प्रकृति का अनमोल उपहार है, इस शरीर के आंतरिक एवं बाहरी सौंदर्य को बनाकर रखें, अपना ख्याल खुद रखें।
(डाॅ बासुदेव कुमार शर्मा)
प्रधान संपादक ( वैज्ञानिक)
विज्ञानमेव जयते PRGI भारत सरकार.
