राष्ट्रपति के संबोधन से बजट सत्र की शुरुआत
राष्ट्रपति जी के प्रेरणादायी संबोधन के साथ आज संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई। यह संबोधन आने वाले समय में देश की विकास यात्राn को दिशा देने वाली नीतियों और सामूहिक संकल्प को स्पष्ट रूप से सामने रखता है। इसलिए हमारी संसदीय परंपराओं में इसका विशेष महत्त्व है।
संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जी ने बहुत विस्तार से अपनी बातें रखीं। इसमें जहां हाल के वर्षों में भारत की विकास यात्रा का सजीव चित्रण था, वहीं भविष्य के लिए एक स्पष्ट और सुदृढ़ मार्गदर्शन भी दिखा। विकसित भारत के निर्माण पर विशेष बल एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र के साझा संकल्प को सामने लाता है। अभिभाषण में किसानों, युवाओं, गरीबों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने रिफॉर्म एक्सप्रेस को और गति देने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और सुशासन को और सुदृढ़ करने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
